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Mahamedia Magazine - March 2020


Mahamedia Magazine - March 2020
आप बाजार से कोई छोटी से छोटी वस्तु भी खरीदते हैं तो उसके साथ आपके कुछ अधिकार भी जुड़े होते हैं। जिन्हें उपभोक्ता का अधिकार कहा जाता है। यही कारण है कि उपभोक्ता के हक की आवाज उठाने और उन्हें अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए जागरूक बनाने के लिए पूरे विश्व में 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस भी मनाया जाता है। आज के इस आधुनिक युग में लोागों को जितनी सरलता से सुविधाएं उपलब्ध रही है। उतनी ही सरलता से वे जालसाज और धोखाबाजों के चंगुल में भी फंस रहे हैं। ये मुसीबत तब और बढ़ जाती है, जब आप उपभोक्ता होते हैं। और कोई वस्तु खरीदकर अनुभव करते हैं कि आप ठगे जा चुके हैं या आपके साथ धोखा हुआ है। मुसीबत तब और बढ़ जाती है। जब धोखा देने वाली कोई नामचीन कंपनी होती है। ऐसे में लोगों के मन में ख्याल आता है कि वो इतनी बड़ी कंपनी का क्या बिगाड़ सकते हैं। मगर आपका ये सोचना अत्यंत गलत है। आपके पास उपभोक्ता फोरम जाने का मार्ग होता है। आप कंपनी की धोखाधड़ी के सबूत फोरम में पेश करते हो और जांच में वो सही पाए जाते हैं। तो फोरम ऐसी कंपनियों को सबक सिखाती है। मात्र राजधानी दिल्ली में ही 10 उपभोक्ता फोरम है। जो अलग-अलग क्षेत्रों मे स्थित है। यदि आप एक उपभोक्ता हैं और आपको लगता है कि आपके साथ कुछ गलत हुआ है तो आप सेक्शन - 12 कंज्युमर प्रोटक्शन एक्ट (उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम) 1986 के तहत अपनी शिकायत फोरम को देते हैं। इस अवसर पर पेश है उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों की जानकारी देती।
मिलावट खोरों पर कड़ा प्रावधान- नए उपभोक्ता सरंक्षण कानून में मिलावट खोरों पर शिकंजा कसने का कड़ा प्रावधान किया है। नकली उत्पादन बनाने, बेचने और मिलावट करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उपयुक्त कानून के अभाव में अभी तक ऐसे अपराधी सरलता से छूट जाते हैं। नए उपभोक्ता कानून के मसौदे पर आपराधिक अदालतों में प्रकरण चलाने का प्रावधान किया गया। ऐसे अपराधियों पर उपभोक्ताओं के हानि के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें उनके ऊपर भारी आर्थिक जुर्माने और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है। नए उपभोक्ता संरक्षण विधेयक- 2018 में उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़े अनेक नए विषय भी जोड़ दिये गये हैं, जो अब तक इसमें सम्मिलित नहीं थे। मिलावटी व नकली वस्तुओं का उत्पादन व बिक्री करने वालों पर कार्रवाई करने का अधिकार ही नहीं था। वर्ष 1986 के उपभोक्ता संरक्षण कानून के दायरे से यह विषय बाहर था, जिसे अब सम्मिलित कर लिया गयाक है। ऑनलाइन धोखाधड़ी सबसे अधिक- आज के युवा को चाहिए कि सब कुछ उसे घर बैठे मिल जाए, फिर चाहे वो कपड़े हो या इलेक्ट्रानिक आइटम। इन्हें वह ऑनलाइन मंगवाते हैं, मगर वो इस बात से अंजान है कि इन दिनों उपभोक्ता फोरम में आ रहे ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले सबसे अधिक हैं। जिनमें पाया जाता है कि उपभोक्ता न मंगाया कुछ होता है। और भेज कुछ दिया जाता है। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन आई वस्तुओं की गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठे हैं। फोरम से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इन दिनों फोरम में आ रहे अधिकतर प्रकरण ऑनलाइन धोखाधड़ी, इंश्यारेंस पॉलिसी धोखाधड़ी और बिल्डर्स के होते हैं।
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